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राहुल गांधी बोले, मेरी बात सच होगी, ज्ञानेश कुमार CEC पद से हटेंगे और जेल जाएंगे

➤ रामलीला मैदान में विपक्ष की रैली, 8 नेताओं ने मंच से की ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
➤ भाजपा का पलटवार, संबित पात्रा बोले 2024 में ज्ञानेश कुमार CEC थे ही नहीं


नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को INDIA ब्लॉक की रैली में विपक्षी दलों ने एक सुर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “मेरी बात सच होगी, ज्ञानेश कुमार CEC के पद से हटेंगे और जेल जाएंगे।” अलग-अलग पार्टियों का मकसद एक ही था, ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा।

विपक्ष के बड़े नेताओं ने दो दिन से दिल्ली में डेरा डाल रखा था। शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के घर विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ “जनमहाभियोग” पास किया। रविवार को सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी और तेजस्वी यादव समेत बाकी नेता रामलीला मैदान पहुंचे। रैली से पहले मिंटो रोड जंक्शन से रामलीला मैदान तक मार्च निकाला गया, जिसमें कार्यकर्ता पैदल चले और नेता खुली गाड़ियों व बसों से पहुंचे। करीब चार घंटे चले कार्यक्रम में 8 नेताओं ने भाषण दिया। SIR और ज्ञानेश कुमार के विरोध में पिछले 25 दिनों में विपक्ष सातवीं बार एकजुट हुआ है। इससे पहले 6 से 13 अक्टूबर के बीच 6 बार प्रदर्शन हो चुके हैं।

राहुल गांधी ने कहा कि 2024 के चुनाव के बाद 13.5 करोड़ वोटर वोटर लिस्ट से हटाए गए, यानी सात में से एक वोटर को सूची से बाहर किया गया। उन्होंने इसके आधार पर 2024 के चुनाव को अवैध बताया और कहा कि यह चुनाव आयोग का ही डेटा है। राहुल ने कहा कि यह आम चोरी नहीं, बल्कि हिंदुस्तान के हर नागरिक की आवाज की चोरी है। उन्होंने इसे “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” मामला और देशद्रोह बताया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार के बिना मोदी पीएम और शाह गृह मंत्री नहीं बनते तथा आरएसएस ने देश की सारी संस्थाओं को कैप्चर कर लिया है। राहुल ने कहा कि वोट चोरी के खिलाफ लीगल कार्रवाई होगी। साथ ही उन्होंने कहा, “हमें नफरत नहीं, मोहब्बत फैलानी है। यह प्रोटेस्ट किसी एक पार्टी का नहीं, देश का है।”

राहुल समेत 8 विपक्षी नेताओं ने मंच से स्पीच दी। सभी ने एक साथ ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि “चलो दिल्ली” मार्च ऐतिहासिक है और ईडी-सीबीआई लगाने से भी विपक्ष डरेगा नहीं। ममता बनर्जी ने कहा, “हम हारे नहीं, हमको हराया गया है।” उन्होंने बंगाल में लोकतंत्र और काउंटिंग लूटे जाने का आरोप लगाया।

करीब डेढ़ घंटे रैली चली। सभी नेताओं ने आखिर में जय हिंद के नारे लगाए। इसके बाद ग्रुप फोटोशूट कराया गया।अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा ने चुनाव आयोग को हथियार बनाया और 2027 में उत्तर प्रदेश से उसकी विदाई तय है। तेजस्वी यादव ने ज्ञानेश कुमार को जेल भेजने की मांग की। फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक करोड़ 27 लाख हिंदुओं के नाम भी सूची से हटे, तो क्या वे भी पाकिस्तानी हैं। महबूबा मुफ्ती ने आशंका जताई कि कहीं पूरे देश को जम्मू-कश्मीर न बना दिया जाए। CPM महासचिव एमए बेबी ने इसे दूसरा आजादी का आंदोलन बताया, जबकि अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि भाजपा का जाना अब तय है। गौरव गोगोई ने दावा किया कि भाजपा इस आंदोलन से डर गई है।

राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, फारूक अब्दुल्ला और अन्य नेता इसमें शामिल हुए। नेता खुली बसों से पहुंचे और फिर पैदल मार्च किया।

रैली के बाद भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि 2024 में ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त थे ही नहीं, वे 2025 में CEC बने। पात्रा ने कहा कि अगर 2024 का चुनाव अवैध था, तो राहुल गांधी भी अवैध नेता प्रतिपक्ष हैं। उन्होंने 10 लाख की भीड़ के दावे पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मैदान में 28 हजार कुर्सियों में से 5 से 7 हजार खाली थीं। विपक्ष ने 10 लाख लोगों के जुटने का दावा किया था, जबकि दिल्ली पुलिस का अनुमान 50 हजार का था।